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भूमाफिया रामसुमिरन कश्यप की जेल में मौत, परिजन का आरोप- 2 साल से दिल की बीमारी थी, इलाज के लिए अनुमति नहीं मिली
August 11, 2020 • JAWABDEHI • मध्यप्रदेश

जेल में बंद कुख्यात भूमाफिया रामसुमिरन कश्यप की देर रात जिला जेल में मौत हाे गई। वह पिछले एक साल से जेल में बंद था। रामसुमिरन एरोड्रम और बाणगंगा क्षेत्र का बड़ा भूमाफिया था। उस पर सरकार जमीन में कॉलोनी काटने जैसे कई अपराध दर्ज हैं। परिजन का आरोप है कि उसे 2 साल से दिल की बीमारी थी। कई बार लिखित में कहा था कि निजी अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति दी जाए, लेकिन अनुमति नहीं मिली। वहीं, बेटों का आरोप है कि जेल विभाग से फोन आया था कि पैसे दे दो, हम ऐसी रिपोर्ट बना देंगे, जिस पर जमानत हो जाएगी। देर रात 1 बजे जिला जेल से एमवाय अस्पताल ले के आए, लेकिन हमें 4 बजे मौत की सूचना दी गई।

रामसुमिरन को शुगर, बीपी, और हार्ट की बीमारी थी। सोमवार रात करीब साढ़े 12 बजे उसकी अचानक तबियत बिगड़ी तो जेल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे एमवाय अस्पताल भेजा गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जिला जेल अधीक्षक अजमेर सिंह ठाकुर का कहना है कि वह पहले से ही बीमार था।

उसका इलाज भी चल रहा था। रामसुमिरन कश्यप पर शासकीय जमीनों पर कालोनी काटने और एक ही प्लाट कई लोगों को बेचने के मामलों में अलग-अलग थानों की पुलिस ने प्रकरण दर्ज किए थे। उसने अनेक लोगों के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी की थी। रामसुमिरन के खिलाफ एरोड्रम और बाणगंगा थाना सहित अन्य थानों में जमीनों की धोखाधड़ी के मामलों में अनेक अपराध दर्ज थे। वह अपनी कालोनियों में एक ही प्लाट एक से अधिक लोगों को फर्जी दस्तावेजों से बेचकर उनसे रुपए ऐंठ लेता था।

लंबे समय तक फरार रहे भू-माफिया रामसुमिरन कश्यप को एरोड्रम पुलिस और ईओडब्ल्यू ने अगस्त 2019 में घेराबंदी कर पकड़ा था। उसके खिलाफ एरोड्रम थाने में धोखाधड़ी के दो और ईओडब्ल्यू में भी केस दर्ज थे। उसको छुड़वाने के लिए कई प्रभावशाली लोगों के फोन भी टीआई के पास पहुंचे थे।

गौरतलब है कश्यप विश्वास गृह निर्माण संस्था का अध्यक्ष था। उसके खिलाफ छोटा बांगड़दा क्षेत्र की सांवरिया नगर के प्लॉटों की फर्जी रजिस्ट्री कर लाखों रुपए का लोन हड़पने के मामले में ईओडब्ल्यू ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। इसमें उसने और बैंक के कुछ अफसरों ने मिलकर फर्जी प्लॉट मालिक तैयार किया। उसके नाम के दस्तावेज बनाए और बैंक से लोन जारी करवा दिया। इसी मामले में विशेष न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद इसकी संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी भी दी गई थी।