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बिजली कंपनी के DGM के घर लोकायुक्त का छापा, 6 घंटे खाक छानने के बाद मिले 219 रुपए
December 21, 2019 • JAWABDEHI • मध्यप्रदेश

भोपाल. मध्य प्रदेश लोकायुक्त की मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के डीजीएम समीर कुमार शर्मा के घर की गई छापामार कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं. लोकायुक्त की टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले को लेकर छापा मारा, 6 घंटे तक खाक छानने के बाद शर्मा के घर से महज 219 रुपए नकद हासिल हुए. इसके अलावा न तो संपत्ति और न ही किसी निवेश को लेकर खास जानकारी मिल पाई. लोकायुक्त की इसी कार्रवाई को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि किसके दबाव में बिना जांच-पड़ताल के छापे की कार्रवाई की गई. एक अनुमान के अनुसार पिछले 7 वर्षों में यह पहली बार हुआ है, जब इतनी कम नकदी और न के बराबर दस्तावेज लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान मिले हैं.

सुबह 6 बजे ही पहुंची थी टीम

लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार डीजीएम समीर कुमार शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी. इसी आधार पर शुक्रवार की सुबह 6 बजे लोकायुक्त डीएसपी और टीआई ने अपनी टीम के साथ भोपाल के अयोध्या रोड स्थित सागर सिल्वर स्प्रिंग कैंपस में शर्मा के घर पर छापा मारा. लोकायुक्त के अधिकारी सलिल शर्मा ने बताया कि सुबह में शुरू हुई कार्रवाई 6 घंटे तक चली. इस दौरान शर्मा और उनके परिजनों से पूछताछ की गई. पूरे घर को खंगाला गया.

संभावित ठिकानों से जानकारी जुटाई गई. लेकिन हैरत की बात है कि 6 घंटे में लोकायुक्त की टीम को ऐसे कोई भी दस्तावेज या सबूत नहीं मिले, जिसके आधार पर शर्मा पर आय से अधिक संपत्ति का मामला बन सके. लोकायुक्त की टीम को शर्मा के घर से 219 रुपए नकद, 8 लाख रुपए कीमत के जेवर, एक स्कूटी, एक सरकारी वाहन, लोन पर लिए दो घरों के दस्तावेज, एक हेल्थ पॉलिसी और सिर्फ एक निवेश की पॉलिसी मिली है. छापेमार कार्रवाई के दौरान शर्मा के साथ उनके घर पर उनका बेटा और एक नौकर था.

अंदर की कहानी

लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार लोकायुक्त को जब शर्मा के खिलाफ शिकायत मिली थी, तब सबसे पहले प्रक्रिया के तहत शिकायत का वेरीफिकेशन किया गया. अधिकारियों ने अपने स्तर पर शर्मा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारियों को जुटाया. उनकी संपत्ति के बारे में जानकारी जुटाई गई, निवेश के बारे में पता किया गया. वेरीफिकेशन के दौरान हर स्तर पर जांच पड़ताल की गई. सूत्रों ने बताया कि वेरीफिकेशन रिपोर्ट लोकायुक्त के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई थी.रिपोर्ट में बताया गया था कि शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के कोई सबूत नहीं मिले हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती है. लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश थे और इन्हीं निर्देशों का पालन करते हुए लोकायुक्त टीम ने छापा मारा. आपको बता दें कि डीजीएम समीर कुमार शर्मा भोपाल में पदस्थ हैं. वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी (बनारस) के रहने वाले हैं. 2007 से नौकरी कर रहे शर्मा का वर्तमान में एक लाख 18 हजार रुपए वेतन है.