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जेल स्टाफ और कैदियों के व्हाट्सएप पर छाई साहब की ‘सिंगलटन’
September 14, 2020 • JAWABDEHI • इंदौर


जवाबदेही@ इंदौर

इंदौर शीघ्र रिटायर होने जा रहे जेल विभाग के एक आला अफसर के सिंगलटन शौक ने प्रदेश की जेलों में हड़कंप मचा रखा है। साहब के सिंगलटन के कारण जेल स्टाफ से लेकर वाह बंद बंदी तक परेशान है। सिंगलटन की तलाश में सभी दुकान-दुकान चक्कर काट रहे हैं या अपने परिवार से चक्कर कटवा रहे हैं। अंदर की खबर यह है कि कई नामदार कैदी सिंगलटन के सहारे ही अपनी सजा मजे से काट रहे हैं। सिंगलटन नहीं मिलने पर साहब को उसके बदले में नजराना देने की पेशकश की जाती है लेकिन साहब अपनी चौधराहट छोड़ने को तैयार नहीं।

एडीजी की लम्बी फौज के बीच जेल विभाग के आला अधिकारी मौज काट रहे हैं। इन साहब का रिटायरमेंट पास में है। रिटायरमेंट से पहले वे अपने ओहदे और समय का दिल भर के इस्तेमाल कर रहे हैं।  इंदौर और भोपाल की जेलों में बंद जमीन के कई जादूगरों से उनका घरोबा है। इसीलिए उनकी मदद भी दिल खोल कर और कानून तोड़कर की जा रही है। इसके बदले में उन्हें एक शराब की बोतल का फोटो व्हाट्सएप कर दिया जाता है। इस बोतल को हर हाल में जुटा कर देने की जिम्मेदारी उसी की है जिसे साहब ने बोतल लाने की सुपारी दे रखी है। साहब जिस ब्रांड की शराब के शौकीन हैं उसका नाम द  सिग्नेटनङ्घ। जो सिंगल माल्ट स्कॉच व्हिस्की है। वह भी 18 नंबर की। मतलब 18 साल पुरानी। चाहिए तो यही, भले कहीं से भी ढूंढ के ला कर दो। 15 नंबर भी नहीं चलती। इस एक बोतल की कीमत करीब 9000 रुपए बताई जा रही है। साहब तीन से चार बोतलों का सेट लेते हैं। मतलब एक बार का छप्पर करीब 40 से 50 हजार रुपए का पड़ता है।

सिर्फ कैदी ही क्यों,  साहब की डिमांड से वह जेल अधिकारी और स्टाफ भी परेशान है जो काम में थोड़ी बहुत कमी के कारण साहब के निशाने पर चल रहे हैं या जिन्हें साहब से तारीफ सुनने का आनंद आता हो। ऐसे लोगों की फेहरिस्त लंबी है। हाल ही में साहब इंदौर जेल के दौरे पर थे। दौरे के बाद उन्होंने बीते दिनों सामने आई गड़बड़ियों के आधार पर जेल स्टाफ को सिंगलटन का फोटो व्हाट्सएप कर दिया। जब जेल स्टाफ ने उनसे पूछा कि फोटो का क्या करना है, तो जवाब मिला कि इस फोटो में जो बोतल है उसकी जुगाड़ जल्दी कर देना। इसके बाद स्टाफ ने शहर की कई देसी और अंग्रेजी शराब दुकानें छान डाली। बोतल नहीं मिली। थक कर स्टाफ ने कहा कि साहब बोतल जितने की आती है उतने की व्यवस्था हम करवा कर दे देंगे हमें बख्श दो, मगर साहब नहीं माने।
कई जांच जारी : जेल विभाग के इन वरिष्ठ अफसर की सरकारी सेवा का सफरनामा विवादित ही रहा है। साहब के खिलाफ कई शिकायतें हुई। जांच चली मगर कार्रवाई नहीं हो पाई।

झलारिया में  खरीदी जमीन : सूत्रों की मानें तो साहब ने रिटायरमेंट के बाद की प्लानिंग भी कर ली है। इसके लिए उन्होंने इंदौर बाईपास स्थित झलारिया गांव में करीब 8 एकड़ जमीन भी खरीदी है। जमीन की बाउंड्री वाल हो चुकी है। जमीन परिवार के सदस्यों के नाम पर है और इसकी खरीदी के दौरान स्टांप शुल्क की भारी चोरी की गई है। - साभार