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कोरोना के मरीजों का अब इस तरह से किया जाएगा इलाज, ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने खोजा नया तरीका
June 27, 2020 • JAWABDEHI • देश

नई दिल्ली। कोरोना मरीजों को ठीक करने के लिए ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने कोरोना के गंभीर मरीजों में वायरस के खिलाफ इम्यून रिस्पांस की जांच करके 6 अणुओं (मोलिक्यूल) के अनोखे पैटर्न की पहचान खोज निकली है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर इन अणुओं पर हमला किया जाए कोरोना के मरीज ठीक हो सकते हैं।

वैज्ञानिकों ने खोजा तरीका
इस बारे में ब्रिटेन के लॉसन स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने लंदन हेल्थ साइंसेज सेंटर (LHSC) में एडमिट कोरोना के गंभीर मरीजों के रक्त के नमूनों की जांच की है। इस जांच के आधार पर बताया जा था है कि वैज्ञानिकों ने आइसीयू में एडमिट कोरोना के मरीजों के खून में 6 ऐसे मॉलिक्यूल मिले हैं, जो सिर्फ कोरोना के मरीजों में ही पाए जाते हैं।

साइटोकिन स्टार्म
वैज्ञानिकों की माने तो कुछ कोरोना मरीजों का इम्यून सिस्टम वायरस के खिलाफ बेहद तेजी से प्रतिक्रिया देता है और साइटोकिन स्टार्म पैदा करता है। इस दौरान इसमें शरीर के प्राकृतिक सूजन संबंधी अणु का बढ़ा हुआ लेवल स्वस्थ कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचाता है।

बता दें, साइटोकिन स्टार्म वो क्रिया है जब किसी मरीज में वायरस का अटैक होता है और मरीज का स्ट्रोंग इम्यून सिस्टम शरीर में बहुत जल्दी खून में बहुत अधिक मात्रा में साइटोकिन छोड़ता है।

दवाओं का प्रयोग
अध्ययन के सह लेखक लॉसन का कहना है कि हमारे इस अध्ययन से ये बात स्पष्ट हो गई कि कोरोना मरीजों के इलाज के दौरान डॉक्टरों को दवाओं का प्रयोग कहां करना है। बताते चले कि इस शोध को क्रिटिकल केयर एक्सप्लोरेशन पत्रिका में पब्लिश किया गया है।

इस शोध में 30 मरीजों को शामिल किया गया था। इन मरीजों के ब्लड सैंपल में ये पाया गया कि आइसीयू में भर्ती कोरोना के गंभीर मरीजों में 6 उत्तेजक अणु ऐसे थे जिनका स्तर अजीब तरह से बढ़ा हुआ था।