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कोर्ट का आदेश, कार दुर्घटना में घायल को बीमा कंपनी दे 27 लाख का मुआवजा
February 18, 2020 • JAWABDEHI • मध्यप्रदेश

इंदौर। कार हादसे में घायल युवक कोमा में चला गया। उसे इतनी गंभीर चोटें आईं कि घटना के दो साल बाद भी वह अपने नियमित कामकाज नहीं कर सकता। डॉक्टरों के मुताबिक उसे जिंदगीभर दूसरों पर निर्भर रहना पड़ेगा। बीमा कंपनी ने कोर्ट में तर्क रखा कि हादसा ड्राइवर की लापरवाही से हुआ था। बीमा शर्तों का उल्लंघन हुआ है, इसलिए उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। कोर्ट ने तर्कों से असहमत होते हुए बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह घायल को मुआवजे के बतौर 27 लाख रुपए का भुगतान करे। इस रकम पर ब्याज भी देना होगा। अन्नपूर्णा क्षेत्र के एकता नगर में रहने वाला यशराज (18) पिता मनोज 12 नवंबर 2017 को कार (यूपी 78 ईएच 4378) में बैठकर बैतूल से आगे जा रहा था। रात करीब डेढ़ बजे बैतूल के करीब इटारसी रोड पर स्पीड ज्यादा होने से कार एक पेड़ से टकरा गई। हादसा इतना भयावह था कि यशराज गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सिर में गंभीर चोट आई। उसे इलाज के लिए बैतूल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हादसे के बाद वह कोमा में चला गया। अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के बावजूद तबीयत में सुधार नहीं हुआ। उसे अपने रोजमर्रा के कामकाज के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। यशराज के पिता मनोज ने एडवोकेट एनके जाट के माध्यम से जिला कोर्ट में मुआवजे के लिए केस दायर किया। उन्होंने तर्क रखा कि दुर्घटना की वजह से यशराज जिंदगीभर के लिए दूसरों पर निर्भर हो गया है। कार का बीमा करने वाली न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से मुआवजे के बतौर 70 लाख रुपए दिलवाए जाएं। बीमा कंपनी ने इसका विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि हादसा ड्राइवर की लापरवाही से हुआ था, इसलिए बीमा कंपनी का दायित्व नहीं बनता है। एडवोकेट जाट ने बताया कि कोर्ट ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह मुआवजे के रूप में 27 लाख 15 हजार 778 रुपए का भुगतान 60 दिन के भीतर करे। इस रकम पर 7.5 प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना होगा। तय समय सीमा में भुगतान नहीं करने की स्थिति में ब्याज की गणना 9 प्रतिशत से की जाएगी।